कॉमिक्स के विज्ञापन (Comics Ads)

दोस्तों वैसे तो कॉमिक्स हम अपने मनोरंजन के लिए खरीदते है, ताकि इन कहानियों को पढ़कर और देखकर आनंद की प्राप्ति हो और हमारा समय भी कट सके. कॉमिक्स पढ़ने के अपने फायदे भी है अगर आप जानना चाहते है की वो क्या है तो लेख को पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक कीजिये – क्यूँ है कॉमिक्स पढ़ना अच्छा? लेकिन क्या मनोरंजन सिर्फ कहानियों और चित्रों से ही होता है? मेरे ख्याल से नहीं क्योंकि मुझे याद है की कॉमिक्स खरीदते वक़्त मैं उसकी पूरी जाँच पड़ताल करता था, उस भाव को बता पाना थोड़ा कठिन है क्योंकि आजकल तो सब ऑनलाइन हो गया है, दुकानें एक्का दुक्का ही दिखती है.

परकाले का विज्ञापन
राज कॉमिक्स
परकाले का विज्ञापन
राज कॉमिक्स

कॉमिक्स के आवरण को देखना, उसके साथ फ्री गिफ्ट क्या है इसका आंकलन करना, अब अगर कॉमिक्स भी कई सारी हों तो उनमें से खास यानि की मुख्य नायकों वाली कॉमिक्स को छांट कर अलग कर देना, फिर उनके फ्री गिफ्ट्स की भी तुलना करना और अंत में कोई एक कॉमिक्स ‘फाइनल’ करना एक बेहद ही जटिल काम था जिसे यह इंसानी दिमाग पता नहीं कैसे कर लेता था. इन सब पैमानों के साथ एक बात और थी एवं उनकी बात भी ‘चित्रकथा’ से कोई कम नहीं थी. यहाँ मैं बात कर रहा हूँ कॉमिक्स में छपने वाले “विज्ञापनों” की!

कॉमिक्स के विज्ञापन

जी बिलकुल, इन विज्ञापनों से आपको बेहद अच्छी जानकारियाँ मिल जाती थी कि आगामी ‘सेट’ की कॉमिक्स में और प्रकाशित होने वाले विशेषांकों में से आप किसका चुनाव करना चाहते है. तब कॉमिक्स की लाइब्रेरीज़ भी बड़ी संख्या में उपलब्ध थी तो पाठकों को ज्यादा परेशानी नहीं होती थी. जो भी कॉमिक्स का विज्ञापन आपको पसंद हो वो जाकर अपने लाइब्रेरी वाले से मांग लीजिये और इत्मिनान से घर लाकर पढ़िए. एक और बात यहाँ पर बताता चलूँ की कॉमिक्स का दीवानापन इस कदर छाया था सभी पर की बाकायदा दिनांक और तिथि को घोषणा भी की जाती थी इन विज्ञापनों के साथ. इससे कॉमिक्स के पाठकों को बहोत सुविधा होती थी और उन्हें इस बात का संज्ञान भी रहता था की कब अपने कॉमिक्स वाली दुकान या लाइब्रेरी पर जाकर इनकी मांग करनी है.

डायमंड कॉमिक्स का पिछला आवरण
विज्ञापन एवं अन्य जानकारियाँ

डायमंड कॉमिक्स का पिछला आवरण
विज्ञापन एवं अन्य जानकारियाँ

विज्ञापन की मंतव्य होता है प्रचार से, कोई भी कॉमिक्स पब्लिकेशन इन विज्ञापनों का इस्तेमाल अपने पाठकों तक प्रचार करने का अच्छा माध्यम थी. कॉमिक्स जगत में इससे सुगम तरीका और कोई नहीं है, दूसरा आपको आगे आने वाले कॉमिक्स से कुछ उपर-उपर की जानकारियाँ भी मिल जाती है और चित्रांकन के ज़रिये कॉमिक्स में नज़र आने वाले खलनायक और कहानी का भी अर्थ निकाला जा सकता है. राज कॉमिक्स और डायमंड कॉमिक्स ने तो पत्र पत्रिकाओं में और टेलीविज़न के माध्यम से भी कॉमिक्स का जबरदस्त प्रचार प्रसार किया है.

फिर आया ड्रैकुला का विज्ञापन
मनोज कॉमिक्स
फिर आया ड्रैकुला का विज्ञापन
मनोज कॉमिक्स

कॉमिक्स को मात्र एक आमोद प्रमोद का साधन मान लेना सही नहीं है क्योंकि जब आप उसमें कही गयी बातों को समझने लगते है तो उसके मायने बदल जाते है. चाहे विज्ञान को समझना हो या बुराई पर सच्चाई की जीत, अपराधियों की अपराध करने की ललक और बाद में उनके बुरे कार्यों का अंजाम, जो इन्हें बेहद ही विचारणीय बना देता है. कटु शब्द, बुरे विचार और अप्रिय कर्मों का अच्छा खासा ज्ञान आपको कॉमिक्स के माध्यम से कहीं ना कहीं देखने को मिल ही जाएगा.

जिगर का टुकड़ा, छल और त्रिकाल
भोकाल
राज कॉमिक्स
जिगर का टुकड़ा, छल और त्रिकाल
भोकाल
राज कॉमिक्स

आज विज्ञापन की बात ही नहीं कर सकते क्योंकि हिंदी कॉमिक्स ही बस कुछ बड़े प्रकाशकों के सीमित संख्या और छोटे कॉमिक्स प्रकाशकों के जुनून पर चल रही है. आने वाला भविष्य अपने अंदर क्या समेटे है ये कहना जरा मुश्किल है लेकिन जब तक एक भी कॉमिक्स का पाठक जीवित है ये कहना की कॉमिक्स ‘ख़त्म’ हो जाएगी जरा बेमानी लगता है. मैं एक विश्वासी व्यक्ति हूँ और इस बात का मुझे यकीन है की – ‘आसमान में भी सूराख होता है, एक पत्थर जरा तबियत से तो उछालो यारों‘. अगर आपको अंग्रेजी पसंद है तो ‘Keep The Fire Alive In You‘ को आप बड़े आसानी से समझते होंगे.

तूफ़ान, जटायु और इंद्र
मनोज कॉमिक्स
तूफ़ान, जटायु और इंद्र
मनोज कॉमिक्स

कॉमिक्स बाइट के विशेष लेखकीय में आज इतना ही, फिर चर्चा होगी कॉमिक्स के किसी अन्य पहलू पर, नमस्कार!

Comics Byte

A passionate comics lover and an avid reader, I wanted to contribute as much as I can in this industry. Hence doing my little bit here. Cheers!

Leave a Reply

error: Content is protected !!
%d bloggers like this: